रांची , जून 29 -- झारखंड प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने कहा कि अयोध्या में विश्व प्रसिद्ध मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ स्थल से दान पेटी में चढ़ावे के अरबों रुपए चोरी होने का मामला अत्यंत चिंताजनक एवं निंदनीय घटना सार्वजनिक हुआ है।

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम से करोड़ो श्रद्धालुओं का आस्था जुड़ा हुआ है एवं असंख्य लोगों का आध्यात्मिक व्यक्तित्व समाहित है। चंदे दान के बेहिसाब रुपए सोने चांदी का आभूषण एवं बेहिसाब जमीन खरीदगी के कारनामों ने राष्ट्र को झकझोर दिया है तथा दुनिया भर में भारत का आध्यात्मिक साख गिरा है।

श्री यादव ने कहा कि अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ स्थल क्षेत्र उतर भारत का सबसे लोकप्रिय स्थल है भगवान श्रीराम मंदिर में अरबों रुपए की चोरी लुट होती रही और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप चाप शांत रहना कई सवाल खड़ा करता हैं।

जब देश के सर्वोच्च अदालत से श्रीराम जन्मभूमि पर बहुसंख्य आस्थाओं के पक्ष में निर्णय आया था, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे ज्यादा अपने आप को फोकस किया था और मंदिर निर्माण को लेकर संसद में स्वयं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट स्थल क्षेत्र नाम का ट्रस्ट घोषित किया था, जिसमें पूर्व ब्यूरोक्रेट्स नृपेंद्र मिश्रा को अध्यक्ष एवं चंपत राय को महासचिव पद की बड़ी जिम्मेदारी देने की घोषणा की थी।

श्री यादव ने राजद की ओर से भाजपा पर प्रहार कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का सारा श्रेय लेने का काम किया और मंदिर का शिलान्यास और उद्घाटन स्वयं अपने ही किया जब विश्व प्रसिद्ध श्रीराम मंदिर में दान पेटी से बेहिसाब रुपये की अद्यतन चोरी हो रही हो और पीएम तत्काल एक्शन लेने के बजाय हूप है अत्यंत चिंताजनक विषय है ।

राजद का मांग है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को अविलंब भंग करें एवं नई कमिटी बनाने पर विचार करें , क्योंकि श्रीराम मंदिर जैसे पवित्र तीर्थ स्थल पर धर्म की रक्षा नहीं हो रही है बल्कि अधर्मी चोर लुटेरों डकैतों का जमावड़ा बन गया है और व्यवस्थित रूप से बगैर आंतरिक सतर्कता के रुपए सोने चांदी आभूषण सब गबन किए जा रहे हैं।

राजद की ओर से मांग है कि 8 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज काफी नहीं है, बल्कि मंदिर में चोरी गबन के मामले में सबसे ज्यादा चर्चित व्यक्ति ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर भी प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई किया जाय।

ज्ञातव्य है कि भाजपा का राजनीतिक उदय श्रीराम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद ढांचे विवाद को लेकर हुआ था, जब तत्कालीन भाजपा नेता श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेई, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, कल्याण सिंह, उमा भारती, अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, प्रवीण तोगड़िया जैसे लोगों द्वारा धर्म के नाम पर ध्रुवीकरण कर देश में धार्मिक रंग देकर लोगों के प्रति आस्था जगाया जिस कारण वर्तमान में सत्ता सुख भोग रहे हैं।

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