कोटा , जून 07 -- राजस्थान में कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज के हत्यारों का अब तक सुराग नहीं लगा है।
पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि महंत देवानंद की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। महंत काे कोटा में पोस्टमार्टम के पश्चात सवाई माधोपुर जिले के सुरवाल के चाणक्य दह आश्रम में विधि विधान से समाधि दे दी गई।
कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र मिश्रा ने बताया कि वारदात के कारणों एवं आरोपियों की तलाश वैज्ञानिक तरीके से की जा रही। पुलिस के आठ दल अलग ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों की तलाश कर रहे हैं। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है।
संत देवानंद महाराज मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा थाना क्षेत्र के रजमाना गांव के रहने वाले थे। करीब पांच वर्ष पहले घर-परिवार का त्याग करके उन्होंने संत जीवन अपना लिया था। वह कोटा के चंद्रेसल मठ और सवाई माधोपुर के चाणक्य दह स्थित आश्रम के महंत थे। उनका अधिकांश समय दोनों धार्मिक स्थलों पर ही बीतता था। इसी कारण श्रद्धालुओं और संत समाज की सहमति से उन्हें चाणक्य दह आश्रम में समाधि दी गई।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित