श्रीकाकुलम , मई 16 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने उत्तरी आंध्र क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है और कहा है कि यह क्षेत्र जल्द ही निवेश और रोजगार के प्रमुख केंद्र में बदल जायेगा, जिससे यहां वे लोग वापस अपने क्षेत्र में लौटने लगेंगे, जो रोजगार न होने की वजह से यहां से चले गये थे।
श्री नायडू ने श्रीकाकुलम जिले के तमरापल्ली गांव में आयोजित 'स्वर्णांध्र-स्वच्छांध्र' कार्यक्रम में कहा कि उनकी सरकार उत्तरी आंध्र, रायलसीमा और तटीय आंध्र सहित सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य 2047 तक एक अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने के दीर्घकालिक विजन के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि तकनीक, औद्योगिकीकरण और कल्याणकारी सुधारों के माध्यम से अगले दो दशकों में वर्तमान प्रति व्यक्ति आय (3 लाख रुपये) में उल्लेखनीय वृद्धि की जायेगी।
बुनियादी ढांचे और निवेश पर मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने पिछले 23 महीनों में 23 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किये हैं, जिनसे लगभग 24 लाख रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। उन्होंने घोषणा की कि रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), कॉग्निजेंट, आर्सेलर मित्तल और रिन्यू पावर जैसी बड़ी कंपनियां उत्तरी आंध्र में निवेश का विस्तार कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि "नवनिर्मित भोगापुरम हवाई अड्डे का उद्घाटन जुलाई 2026 में किया जायेगा और श्रीकाकुलम जिले व पलासा में भी नये हवाई अड्डे विकसित किये जायेंगे। मूलापेटा बंदरगाह उत्तरी आंध्र के लिए एक बड़ा आर्थिक लाभ साबित होगा और यह इसी वर्ष शुरू हो जायेगा।"सिंचाई पर ध्यान केंद्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने उत्तरी आंध्र की परियोजनाओं के लिए एक विस्तृत 'सिंचाई कैलेंडर' तैयार किया है। उन्होंने घोषणा की कि लंबे समय से लंबित नेरेडी बैराज को केंद्र से मंजूरी मिल गयी है और नवंबर में इसकी नींव रखने का काम शुरू हो जायेगा। उन्होंने घोषणा की कि नेरेडी परियोजना जो इस क्षेत्र के लोगों की एक पुरानी आकांक्षा है, अगले तीन वर्षों के भीतर पूरी कर ली जायेगी।
श्री नायडू ने नागरिकों से 'मेड इन आंध्र' और "मेड इन इंडिया' उत्पादों को बढ़ावा देकर, अनावश्यक आयात कम कर, प्राकृतिक खेती प्रोत्साहित कर और जहां भी संभव हो सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देकर राष्ट्रीय आर्थिक मजबूती में सहयोग करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर मंत्री के अच्चन्नायडू, कोंडापल्ली श्रीनिवास और केंद्रीय मंत्री के राम मोहन नायडू उपस्थित थे।
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