अयोध्या , मार्च 03 -- चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद राम मंदिर अयोध्या में दर्शन-पूजन पुनः शुरू हो गया। श्रीराम जन्मभूमि पथ पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंक्तिबद्ध होकर रामलला के दर्शन कर रहे हैं। चंद्रग्रहण के कारण प्रातः काल से सूतक लगने पर राममंदिर सहित अयोध्या के प्रमुख मंदिरों हनुमान गढ़ी, कनक भवन और नागेश्वर नाथ मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए थे। इसके चलते रामलला और हनुमंत लला के दर्शन के लिए पहुंचे भक्तों को 12 घंटे से अधिक समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। सूतक काल में रामपथ पर सन्नाटा पसरा रहा।
ग्रहण समाप्त होने के बाद देर शाम हजारों श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई और अन्न, फल व वस्त्र का दान किया। नया घाट की सीढ़ियों पर स्नान के लिए श्रद्धालु घंटों ग्रहण समाप्त होने की प्रतीक्षा करते रहे। मंदिर परिसरों में भक्तगण मंत्र जाप और ध्यान में लीन रहे।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व में ही सूचित कर दिया गया था कि 03 मार्च को चंद्रग्रहण पूर्ण होने के बाद शाम 7 बजे से विधिवत दर्शन-पूजन आरंभ होगा। होली से पूर्व लगे चंद्रग्रहण के बावजूद सुबह 6 बजकर 20 मिनट से प्रारंभ सूतक काल के दौरान भी अयोध्या की सड़कों पर होली का उल्लास देखने को मिला। हनुमान गढ़ी के पुजारी रमेश दास ने कहा कि होली रामनगरी का प्रमुख उत्सव है और "होली खेलैं रघुवीरा अवध में" जैसे पारंपरिक गीतों के साथ यहां उत्सव पहले से ही प्रारंभ हो जाता है।
जिला प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए हैं। अयोध्या सर्किल के क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने बताया कि होली पर्व को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख मंदिरों, मार्गों और सरयू घाटों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
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