लखनऊ/चंदौली , जून 23 -- उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने चंदौली जिले के मुगलसराय क्षेत्र में दो मादक तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 505 किग्रा गांजा बरामद किया है। अंर्तराष्ट्रीय बाजार में बरामद गांजे की कीमत करीब सवा करोड़ रुपये आंकी गयी है।

एसटीएफ की ओर से मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के सासाराम जनपद स्थित नूरगंज निवासी सुरेंद्र सिंह यादव और राजकुमार यादव के रूप में हुई है। दोनों आपस में सगे भाई हैं। एसटीएफ ने उनके कब्जे से 505 किलोग्राम गांजा, दो मोबाइल फोन तथा एक टाटा ट्रक बरामद किया है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ 25 लाख रुपये आंकी गई है।

विज्ञप्ति के अनुसार एसटीएफ को पिछले कुछ समय से विभिन्न राज्यों से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय गिरोहों के संबंध में सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं। इसी क्रम में एसटीएफ की वाराणसी इकाई को सूचना मिली कि एक ट्रक में मसाला और लोहे के एंगल के बीच बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर चंदौली की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मुगलसराय थाना क्षेत्र के कटरिया अंडरपास के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ट्रक लेकर पहले रायपुर (छत्तीसगढ़) गए थे, जहां से बिहार के लिए लोहे का एंगल और पटना के लिए मसाला लोड किया गया। इसके बाद पूर्व नियोजित योजना के तहत वे संबलपुर (ओडिशा) पहुंचे और वहां स्थानीय तस्करों से गांजा खरीदकर ट्रक में लदे माल के बीच छिपा दिया। इसके बाद गांजे की खेप लेकर बिहार रवाना हुए।

एसटीएफ के अनुसार दोनों आरोपी बिहार तथा पूर्वांचल के सीमावर्ती जिलों बलिया, गाजीपुर, चंदौली और वाराणसी में सक्रिय तस्करों के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। उनकी योजना चंदौली पहुंचकर गांजे की खेप स्थानीय तस्करों को सौंपने और फिर बिहार लौटने की थी, लेकिन इससे पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध मुगलसराय थाने में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।

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