चंदौली , अगस्त 25 -- उत्तर प्रदेश में चंदौली जिले की बलुआ थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।
सराय रसूलपुर गांव में "रीडर्स कम्यूनिटी क्लब" नाम से लाइब्रेरी की आड़ में फर्जी इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी नेटवर्क चलाया जा रहा था। पुलिस ने मुख्य संचालक समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 24 मोबाइल, चार लैपटॉप, 42 सिम कार्ड, 250 जीबी की हार्ड डिस्क, एक डायरी और दो रजिस्टर बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सराय रसूलपुर में लाइब्रेरी के नाम पर संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो कई लोग मोबाइल और लैपटॉप के जरिये काम करते मिले। पूछताछ में सामने आया कि आनंद मौर्या इस पूरे काम का मुख्य संचालक था।
आरोपी लोगों को फोन कर खुद को शेयर मार्केट का जानकार और इन्वेस्टमेंट एडवाइजर बताते थे। अधिक मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर ग्राहकों से उनके डिमैट और ट्रेडिंग खातों की जानकारी हासिल की जाती थी। इसके बाद खातों को हैंडल कर ट्रेडिंग की जाती थी। नुकसान होने पर ग्राहक को आर्थिक क्षति उठानी पड़ती थी और इसके बाद आरोपियों के मोबाइल बंद हो जाते थे।
पुलिस को मौके से मिली डायरी और दो रजिस्टर में करीब 250 लोगों के नाम, मोबाइल नंबर और शेयर मार्केट से जुड़ी प्रविष्टियां मिलीं। पुलिस टीम ने इनमें दर्ज कुछ नंबरों पर संपर्क किया। बातचीत में तीन लोगों ने करीब 9.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी अथवा आर्थिक नुकसान होने की जानकारी दी। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एनसीआरबी पोर्टल समेत अन्य माध्यमों से भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
पुलिस ने मौके से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर मुख्य संचालक आनंद मौर्या को सुरतापुर काली माता मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एप्पल और एचपी के दो लैपटॉप तथा तीन मोबाइल फोन बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आनंद मौर्या, प्रकाश मौर्या, जोगिंदर मौर्या, सिद्धार्थ मौर्या, अभिषेक विश्वकर्मा, विकास शर्मा, कुशवाहा, प्रीतम कुमार मौर्या, अमन कुमार मौर्या, आकाश मौर्या, विशाल गौड़ और विशाल मौर्या के रूप में हुई है।
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