बैतूल , सितंबर 04 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल छोटा महादेव भोपाली में चंदा वसूली और व्यवस्थाओं को लेकर दो समितियों के बीच विवाद सामने आया है। मामला थाने से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचा, जहां तहसीलदार संध्या रावत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद भोपाली क्षेत्र में किसी भी तरह की चंदा वसूली पर रोक लगाने के निर्देश दिए।

मामला शिव भक्त सेवा समिति भोपाली और शिव भागवत सेवा समिति छोटा महादेव भोपाली के बीच का है। एक समिति की ओर से आरोप लगाया गया कि वर्षभर चंदा एकत्र करने के बावजूद धार्मिक स्थल पर साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। अंबा माई मंदिर में ताला लगे होने को लेकर भी सवाल उठाए गए। वहीं, दूसरे पक्ष ने मंदिर में सुरक्षा की दृष्टि से ताला लगाए जाने की बात कही।

तहसीलदार संध्या रावत ने दोनों पक्षों को स्पष्ट किया कि भोपाली क्षेत्र दोनों समितियों के कार्यक्षेत्र में नहीं आता है और यह मुवाड़ ग्राम पंचायत के अंतर्गत है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल की व्यवस्थाएं ग्राम पंचायत के माध्यम से संचालित की जाएंगी। प्रशासन के निर्देशों पर दोनों समितियों ने सहमति जताते हुए उनका पालन करने की बात कही है।

तहसीलदार ने बताया कि छोटा महादेव भोपाली की व्यवस्थाओं को स्थायी रूप से संचालित करने के लिए मुवाड़ ग्राम पंचायत से प्रस्ताव लिया जाएगा। इसके आधार पर सरकारी ट्रस्ट गठित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। ट्रस्ट बनने के बाद साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, शौचालय, पार्किंग, कचरा प्रबंधन और सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाएं निर्धारित नियमों के तहत संचालित की जा सकेंगी।

छोटा महादेव भोपाली में धार्मिक आयोजनों और पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन स्थल की व्यवस्थाओं को विवाद से अलग रखते हुए स्थायी और व्यवस्थित स्वरूप देने की प्रक्रिया पर जोर दे रहा है।

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