चंडीगढ़ , फरवरी 25 -- कांग्रेस ने कहा है कि चंडीगढ़ के मेयर के कार्यकाल को दो वर्ष सामान्य वर्ग की महिला, दो वर्ष सामान्य वर्ग के पुरुष और एक वर्ष दलित वर्ग के लिए आरक्षित करने का सुझाव संवैधानिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
कांग्रेस प्रवक्ता नरेन्द्र चौधरी ने बुधवार को यहां एक बयान में कहा कि यह प्रस्ताव दलित समाज की राजनीतिक भागीदारी को सीमित करने का प्रयास है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेता संजय टंडन के इस मामले में हालिया बयान पर कड़ी आपत्ति जतायी है। कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, चंडीगढ़ में दलित समाज की आबादी काफी है, इसके बावजूद उन्हें सत्ता में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि यह बयान भाजपा की सोच को उजागर करता है और दलित समाज में इसे लेकर गहरा रोष है।
श्री चौधरी ने कहा कि दलित समाज अपने अधिकारों से समझौता नहीं करेगा और 'जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी' के सिद्धांत पर कायम रहेगा। उन्होंने मांग की कि श्री टंडन अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और भाजपा नेतृत्व इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करे।
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