चंडीगढ़ , जनवरी 22 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर पद के लिए कांग्रेस ने गुरप्रीत गाबी, सीनियर डिप्टी मेयर के लिए सचिन गलाव और डिप्टी मेयर पद के लिए निर्मला देवी को चुनाव मैदान में उतारा है।
इससे पहले विपक्षी खेमे के लिए एक बड़ा झटका तब लगा, जब आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच गठबंधन की बातचीत बेनतीजा रही। 'आप' ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के चुनावी समझौते के बिना अकेले ही मैदान में उतरेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्षी वोटों के इस बिखराव से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए जीत की राह अब काफी आसान हो गयी है।
चंडीगढ़ नगर निगम में नामांकन की प्रक्रिया गुरुवार सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम पांच बजे तक चलेगी।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एच. एस. लकी ने साफ किया कि पार्टी वर्ष 2026 का यह चुनाव पूरी मजबूती के साथ अकेले लड़ेगी। दूसरी ओर, 'आप' प्रभारी ने भी संगठन के बल पर चुनाव लड़ने का दावा किया है, जिससे पिछले कुछ दिनों से जारी गठबंधन की अटकलों पर पूरी तरह विराम लग गया है।
पार्षदों की खरीद-फरोख्त और दलबदल की आशंका को देखते हुए आम आदमी पार्टी ने एहतियाती कदम उठाये हैं। पार्टी ने अपने सभी 11 पार्षदों को पंजाब के रोपड़ स्थित एक होटल में ठहराया है। बताया जा रहा है कि पार्षदों के मोबाइल फोन बंद कर दिये गये हैं और वे पार्टी नेतृत्व की कड़ी निगरानी में हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान केवल प्रस्तावक और आवश्यक भूमिका निभाने वाले पार्षदों को ही चंडीगढ़ लाया जाएगा, जबकि बाकी पार्षदों को मतदान के दिन तक शहर से बाहर ही रखने की रणनीति बनायी गयी है।
इस बार का मेयर चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक और विशिष्ट तरीके से होने वाला है। नगर निगम के इतिहास में पहली बार 'गुप्त मतदान' के बजाय 'हाथ उठाकर' मतदान की प्रक्रिया अपनायी जाएगी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह खुली वोटिंग सदन के भीतर होगी या किसी बंद कमरे में। संख्या बल के लिहाज से देखें तो विपक्षी एकता टूटने के बाद तीनों प्रमुख पदों पर भाजपा की स्थिति मजबूत नजर आ रही है, क्योंकि कांग्रेस और 'आप' के अलग-अलग उम्मीदवार होने से सत्ताधारी दल को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
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