चंडीगढ़ , जनवरी 22 -- चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) में अंदरूनी कलह उस समय खुलकर सामने आ गयीजब पार्टी के पार्षद रामचंद्र ने सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए पार्टी लाइन से हटकर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया।

इस कदम से आप की रणनीति को झटका लगा है और मेयर पद के चुनावी समीकरण और अधिक जटिल हो गये हैं।

नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं, जबकि लोकसभा सांसद का एक अतिरिक्त वोट भी मेयर चुनाव में शामिल होता है। वर्तमान में चंडीगढ़ के सांसद कांग्रेस से मनीष तिवारी हैं, जिससे कांग्रेस की भूमिका भी निर्णायक मानी जा रही है। ऐसे में आप के भीतर बगावत का असर पार्टी की संभावनाओं पर पड़ सकता है।

इस बार मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर तीनों पदों का चुनाव हाथ उठाकर (ओपन वोटिंग) के जरिए कराया जाएगा। नामांकन प्रक्रिया जारी है और सभी दल अपने-अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।

राजनीति के जानकारों का मानना है कि रामचंद्र के निर्दलीय उतरने से आप के वोट बंट सकते हैं, जिसका सीधा फायदा भाजपा या अन्य दलों को मिल सकता है। ऐसे में चंडीगढ़ मेयर चुनाव अब और भी रोचक हो गया है।

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