चंडीगढ़ , जून 03 -- केन्द्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ के सेक्टर-47 निवासी एक बुजुर्ग दंपति से साइबर ठगों ने 'डिजिटल अरेस्ट' का भय दिखाकर दो करोड़ 15 लाख 50 हजार रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी को करीब 15 दिन पहले एक फोन कॉल आई। कॉल करने वाले ने स्वयं को मुंबई स्थित केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके बैंक खाते का उपयोग ड्रग्स तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों में किया गया है। ठगों ने दावा किया कि उनके खिलाफ जांच चल रही है और गिरफ्तारी की कार्रवाई भी हो सकती है।

आरोपियों ने दंपति को मामले की जानकारी किसी रिश्तेदार, मित्र या पड़ोसी से साझा न करने की चेतावनी दी। साथ ही कहा कि यदि उन्होंने किसी को जानकारी दी तो उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के भय से दंपति लगातार ठगों के संपर्क में रहे और उनके निर्देशों का पालन करते हुए विभिन्न खातों में रकम ट्रांसफर कर दी।

जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने साइबर थाना पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या संदेश पर भरोसा न करें। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर गिरफ्तारी की धमकी नहीं देती। ऐसे मामलों में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।

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