चंडीगढ़ , जुलाई 18 -- चंडीगढ़ नगर निगम की टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की ओर से शनिवार को सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यालय में पात्र नॉन-एसेंशियल स्ट्रीट वेंडरों के लिए वेंडिंग साइटों का आवंटन पारदर्शी ड्रॉ के माध्यम से किया गया।
ड्रॉ की प्रक्रिया संयुक्त आयुक्त हिमांशु गुप्ता की मौजूदगी में पूरी हुई। हालांकि, कई स्ट्रीट वेंडरों ने ड्रॉ का बहिष्कार करते हुए नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विरोध कर रहे वेंडरों का आरोप था कि उन्हें ऐसी जगहों पर वेंडिंग साइटें दी जा रही हैं जहां न पेयजल की व्यवस्था है, न सार्वजनिक शौचालय, न बाजार और न ही पर्याप्त ग्राहक। उनका कहना था कि चारों ओर जंगल जैसा माहौल है, ऐसे स्थानों पर व्यवसाय चलाना संभव नहीं है। वेंडरों ने कहा कि वे नियमित रूप से फीस जमा कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें ऐसी जगह भेजा जा रहा है जहां उनकी आजीविका प्रभावित होगी। उन्होंने मांग की कि या तो उपयुक्त स्थान दिए जाएं या फिर जमा राशि वापस की जाए।
इससे पहले शुक्रवार को नगर निगम आयुक्त एवं टाउन वेंडिंग कमेटी के अध्यक्ष अमित कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप वेंडिंग साइटों के आवंटन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया था। जिन पात्र वेंडरों की पहले आवंटित साइटें अभी तक खाली हैं, उन्हें उनकी पुरानी साइटें ही वापस देने का निर्णय लिया गया।
बैठक में निगम अधिकारियों, विभिन्न विभागों, टीवीसी सदस्यों और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कमेटी ने सभी वेंडिंग जोन और मॉडल वेंडिंग जोन का संयुक्त सर्वे कराने का फैसला भी लिया, जिसमें वेंडर प्रतिनिधि, मार्केट एसोसिएशन, आर्किटेक्चर विभाग, नगर निगम और टीवीसी सदस्य शामिल होंगे।
साथ ही सभी वेंडिंग जोन में स्ट्रीट लाइट, पेयजल, सार्वजनिक शौचालय, सीसीटीवी कैमरे और साइटों की स्पष्ट मार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम का कहना है कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी और व्यवस्थित स्ट्रीट वेंडिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि वेंडरों की आजीविका और आम लोगों की सुविधा के बीच संतुलन बना रहे।
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