चंडीगढ़ , मई 14 -- हरियाणा एवं पंजाब की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ शहर की पेड पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और राजस्व बढ़ाने के लिए चंडीगढ़ नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। अब सभी पार्किंग स्थलों की रोजाना आय, वाहनों की संख्या और संचालन से जुड़ी रिपोर्ट निगम की पार्किंग शाखा को भेजना अनिवार्य होगा।
ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. इंदरजीत ने अधिकारियों को एक महीने की रिपोर्ट की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम ने पार्किंग कर्मचारियों की तैनाती, फिजिकल सत्यापन और नियमित निरीक्षण के आदेश भी जारी किए हैं। अधिकारियों के अनुसार कई स्थानों पर मैनुअल एंट्री के कारण आय का सही रिकॉर्ड नहीं बन पाता, इसलिए अब डिजिटल निगरानी और दैनिक रिपोर्टिंग प्रणाली को सख्ती से लागू किया जाएगा।
निगम ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वाहन को बिना शुल्क पार्किंग स्थल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी नजर रखी जाएगी और अनियमितता मिलने पर तुरंत कार्रवाई होगी। कम आय वाली पार्किंग साइटों की समीक्षा कर यह भी तय किया जाएगा कि किन स्थलों को जारी रखना है और किन्हें बंद किया जा सकता है।
बैठक में एलांते मॉल और सेक्टर-17, 22, 34 व 43 जैसे व्यस्त बाजारों की पार्किंग व्यवस्था पर विशेष फोकस किया गया। बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए बैरिकेडिंग और बेहतर संचालन के निर्देश दिए गए हैं।
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