चंडीगढ़ , मार्च 21 -- पंजाब की विभिन्न किसान संगठनों के प्रमुख नेताओं ने शनिवार को किसान भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया। इस दौरान राज्य के पानी के अधिकार, सामान्य वर्ग आयोग, किसान आयोग के गठन और खस-खस (पोस्त) की खेती एवं उसके ठेकों को खोलने की मांग प्रमुख रूप से सामने रखी गई।
प्रेस वार्ता में बीकेयू कादियां के हरमीत सिंह कादियां, दोआबा किसान कमेटी पंजाब के जंगवीर सिंह चौहान समेत फुरमान सिंह संधू, बलविंदर सिंह मल्लीनंगल, बलविंदर सिंह राजू औलख, मलूक सिंह हरीके और कुलदीप सिंह बाजीदपुर सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।
किसान नेताओं ने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनावी घोषणापत्र जारी करते समय पंजाब और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए तथा इन्हें लागू करने की समय सीमा भी तय करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पंजाब के पांच दरियाओं के पानी पर राज्य का हक रिपेरियन सिद्धांत के तहत सुनिश्चित किया जाए और धारा 78, 79 और 80 को रद्द किया जाए।
इसके अलावा, किसानों ने बाँधों पर पंजाब का नियंत्रण, किसानों के कर्ज की माफी, प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के नुकसान की भरपाई, आलू समेत अन्य फसलों के उचित दाम, तथा आलू, मक्का, दालें, सब्जियां और सरसों पर भाव अंतर योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने की मांग भी रखी।
किसान संगठनों ने सरकार से जल्द कृषि नीति लागू करने का निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि इन मांगों को लेकर ही यह प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई हैं।
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