चंडीगढ़ , अगस्त 11 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ एस्टेट ऑफिस की ऑटो-म्यूटेशन प्रणाली ने एक वर्ष पूरा कर लिया है। पिछले साल सात जुलाई से अब तक कुल 1,829 मामले प्राप्त हुए, जिनमें करीब 1,800 का सात दिनों के भीतर निपटारा हो चुका है। शेष 29 मामले प्रक्रियाधीन हैं।

गौरतलब है कि इस डिजिटल व्यवस्था के तहत संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन की प्रक्रिया स्वत: ऑनलाइन पूरी की जाती है। इससे लोगों को अलग से आवेदन करने और एस्टेट ऑफिस जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में संपत्ति विलेख के पंजीकरण के बाद संबंधित जानकारी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से एस्टेट ऑफिस को भेजी जाती है। इसके बाद बैकएंड पर म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी होती है। पूरी व्यवस्था पेपरलेस और फेसलेस है। एजेंटों एवं बिचौलियों पर निर्भरता कम करने के साथ एसएमएस के जरिए प्रक्रिया की जानकारी भी दी जाती है।

निर्धारित समयसीमा के अनुसार लीजहोल्ड संपत्तियों का म्यूटेशन दो कार्य दिवस और फ्रीहोल्ड संपत्तियों का सात कार्य दिवस में किया जाता है।

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