चंडीगढ़ , जून 29 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ नगर निगम की जनरल हाउस बैठक के प्रश्नकाल के दौरान शहर में पेयजल की गुणवत्ता और आपूर्ति का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। सेक्टर-40 की पार्षद गुरबख्श रावत ने अपने वार्ड में कथित रूप से दूषित पानी की आपूर्ति का मामला उठाते हुए एक महिला की मौत का मुद्दा भी सदन में रखा।
पार्षद गुरबख्श रावत ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिसके कारण एक महिला की तबीयत बिगड़ गयी थी। उन्होंने बताया कि महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां बाद में उसकी मृत्यु हो गयी। रावत ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पेयजल व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।
बैठक के दौरान नगर निगम के पानी के टैंकरों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे। पार्षदों ने दावा किया कि 'पीने का पानी, नगर निगम चंडीगढ़' लिखे एक टैंकर में कीड़े पाये गये। इसके अलावा गर्मी के मौसम में पानी की धीमी आपूर्ति और खराब पड़े ट्यूबवेलों की मरम्मत में हो रही देरी पर भी सभी पार्षदों ने चिंता जताते हुए जल्द समाधान की मांग की।
इससे पहले सदन में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र मल्होत्रा के कथित बयान के विरोध में हंगामा किया और उनसे माफी की मांग की। इस दौरान भाजपा और विपक्षी पार्षदों के बीच तीखी बहस भी हुई। भाजपा के मनोनीत पार्षद अनिल मसीह के खिलाफ भी 'वोट चोर' के नारे लगाये गये।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित