चंडीगढ़ , अप्रैल 04 -- पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस इकाई ने शनिवार को चंडीगढ़ पुलिस के साथ एक संयुक्त ऑपरेशन में चंडीगढ़ ग्रेनेड हमला मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है।
पुलिस ने इस घटना में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड, गोला-बारूद और एक .30 बोर की जिगाना पिस्तौल बरामद की है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने शनिवार को बताया कि गिरफ्तार किये गये व्यक्तियों की पहचान बलविंदर लाल उर्फ शमी (एसबीएस नगर), जसवीर सिंह उर्फ जस्सी (एसबीएस नगर), चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी (एसबीएस नगर), रुबल चौहान (शिमला, हिमाचल प्रदेश) और मंदीप उर्फ अभिजोत शर्मा (धूरी, संगरूर) के तौर पर हुई है।
श्री यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इस मॉड्यूल को पाकिस्तान की आईएसआई का समर्थन प्राप्त था। यह नेटवर्क पुर्तगाल और जर्मनी में स्थित विदेशी हैंडलर्स के निर्देशों पर काम कर रहा था। हमले को अंजाम देने के लिए कई उप-मॉड्यूल और 'कटआउट्स' (बिचौलियों) का एक व्यवस्थित नेटवर्क बनाया गया था।
जानकारी के अनुसार, पिछले बुधवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 37 स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला किया गया था। इस हमले ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रख दिया था।
एसएसओसी साहिबजादा अजीत सिंह नगर के एआईजी दीपक पारीक ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपियों ने हैंड ग्रेनेड, हथियारों और कारतूसों की खेप पहुंचाई थी। यह खेप अंतिम हमलावरों तक पहुंचने से पहले कई गुर्गों के माध्यम से घुमायी गयी थी। पुर्तगाल स्थित हैंडलर के निर्देश पर इन आरोपियों ने हमले की डिलीवरी और क्रियान्वयन में समन्वय किया था।
इस संबंध में थाना एसएसओसी, एसएएस नगर में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इसमें शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1)(बी) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) लगायी गयी है।
डीजीपी ने बताया कि हमले में शामिल दो मुख्य हमलावरों की पहचान कर ली गयी है और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस इस मामले में सभी संपर्कों की बारीकी से जांच कर रही है।
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