भरतपुर , मई 23 -- मध्यप्रदेश के कान्हा बाघ अभयारण्य में छह से ज्यादा बाघों की मौत के बाद राजस्थान में सवाईमाधोपुर के रणथंभौर बाघ अभयारण्य में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस को बाघों और अन्य वन्यजीवों के लिए घातक और जानलेवा मानते हुए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने चेतावनी जारी की है।

एनटीसीए के सूत्रों ने शनिवार को बताया कि यह वायरस कुत्तों से फैलता है और उनसे बाघों में फैलने की संभावना बढ़ जाती है। इस वजह से बाघ अभयारण्य से सटे मानसरोवर डेम, देवपुरा डेम, गिलाई सागर और कैलाशपुरी क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। इन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले करीब 80 प्रतिशत कुत्तों का टीकाकरण करने की योजना है जिससे वायरस के संभावित फैलाव को रोका जा सके।

वनकर्मियों को स्थानीय स्तर पर सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश भी दिए गए है। इसी के साथ वन विभाग ने जंगल से सटे गांवों में जागरूकता अभियान भी शुरू किया है।

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