मुंबई , सितंबर 08 -- प्याज, खाद्य तेल और रसोई गैस के दाम बढ़ने से अगस्त में घर पर बनी मांसाहार थाली की लागत सालाना आधार पर पांच प्रतिशत और शाकाहार थाली की एक प्रतिशत बढ़ गयी।
बाजार अध्ययन एवं साख निर्धारक एजेंसी क्रिसिल की मासिक रिपोर्ट में यह बात कही गयी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अगस्त 2026 में घर पर मांसाहार खाने की थाली तैयार करने की लागत 57.50 रुपये और शाकाहार थाली की लागत 29.50 रुपये रही। पिछले साल अगस्त में इनकी लागत क्रमशः 54.60 रुपये और 29.10 रुपये थी। वहीं, इस साल जुलाई में मांसाहार थाली की कीमत 58.30 रुपये और शाकाहार थाली की 29.10 रुपये रही थी।
शाकाहार थाली में रोटी, सब्जी, चावल, दाल, दही और सलाद की लागत को गिना जाता है। मांसाहार थाली में दाल की जगह चिकन को रखा जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, एक साल पहले की तुलना में इस साल अगस्त में प्याज की कीमत 43 प्रतिशत बढ़कर 40 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गयी। अगस्त 2025 में यह 28 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
महाराष्ट्र में मार्च-अप्रैल में असमय बारिश और ओलावृष्टि से फसल को नुकसान होने के कारण दाम तेजी से बढ़े। रबी की फसल में पांच-छह फीसदी की गिरावट से उपलब्धता और कम हो गयी है।
पश्चिम एशिया संकट के कारण खाद्य तेलों की कीमत सालाना 11 प्रतिशत और रसोई गैस सिलेंडर की 10 प्रतिशत बढ़ी है।
आलू और टमाटर के दाम घटने से कुछ हद तक प्रभाव कम रहा। एक साल पहले के मुकाबले अगस्त 2026 में आलू 12 प्रतिशत और टमाटर 28 प्रतिशत सस्ता हुआ।
क्रिसिल का कहना है कि रबी मौसम में आलू का उत्पादन दो-तीन बढ़ा है। अगस्त में आपूर्ति बढ़ने से टमाटर के दाम 20 प्रतिशत बढ़ गये।
मांसाहार थाली की लागत पांच प्रतिशत बढ़ने के पीछे मुख्य कारण चिकन की कीमत में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की वृद्धि रही जिसका कुल लागत में 50 प्रतिशत योगदान होता है।
माह-दर-माह आधार पर मांसाहार और शाकाहार दोनों तरह की थालियों की लागत अगस्त में एक-एक प्रतिशत बढ़ गयी।
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