पौड़ी , मई 19 -- उत्तराखंड के पौड़ी में घरेलू प्रताड़ना से परेशान महिला को आत्मघाती कदम उठाने से पहले पुलिस ने नई जिंदगी दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार 18 मई को एक व्यक्ति लगभग 45 वर्षीय महिला निवासी श्रीनगर को लेकर मानव तस्करी रोधी इकाई (एएचटीयू) कार्यालय पहुंचा। व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वह गांव से कोटद्वार की ओर आ रहा था, तभी रास्ते में उक्त महिला अकेली और रोती हुई अवस्था में मिली। पूछताछ करने पर महिला ने बताया कि वह जंगल की ओर जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने महिला को विश्वास में लेकर विस्तार से जानकारी जुटाई।

महिला ने बताया कि उसका पति गांव में मजदूरी करता है तथा प्रतिदिन शराब के नशे में उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना करता है। लगातार घरेलू उत्पीड़न और मानसिक तनाव से परेशान होकर वह लगभग एक सप्ताह पूर्व घर छोड़कर चली गई थी। इस दौरान वह कुछ दिनों तक परिचितों के यहां रुकी, लेकिन स्थायी सहारा नहीं मिलने से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गई और आत्महत्या करने के उद्देश्य से जंगल की ओर निकल पड़ी।

मंगलवार को महिला की मानसिक स्थिति को देखते हुए एएचटीयू टीम ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उसे समझाया-बुझाया और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। इसके बाद महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया तथा मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार उसे सुरक्षा एवं संरक्षण के दृष्टिगत राजकीय महिला एवं बालिका कल्याण पुनर्वास केंद्र में सुरक्षित दाखिल कराया गया।

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