ग्वालियर , सितंबर 03 -- उद्भव सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित होने वाला 21वां उद्भव उत्सव इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय कल्चरल ओलंपियाड के रूप में 24 से 27 अक्टूबर तक ग्वालियर में आयोजित किया जाएगा। आयोजन में देश-विदेश के सैकड़ों प्रतिभागी नृत्य, संगीत, चित्रकला और मॉडल यूनाइटेड नेशन्स सम्मेलन में भाग लेकर अपनी कला एवं बौद्धिक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
उद्भव के अध्यक्ष डॉ. केशव पांडेय और सचिव दीपक तोमर ने पत्रकार वार्ता में बताया कि संस्था इस वर्ष सितंबर और अक्टूबर में दो महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन कर रही है। उद्भव का भारत के बाहर पहला आयोजन 12 सितंबर को जर्मनी के म्यूनिख में विश्व समभाव दिवस के अवसर पर 'एक भारत एक विश्व' कार्यक्रम के रूप में होगा। इसका आयोजन सद्गुरु दर्शन न्यास और जर्मनी स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा।
कार्यक्रम में विभिन्न देशों के दल अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने के साथ पारंपरिक व्यंजनों का प्रदर्शन करेंगे। सांस्कृतिक एवं व्यंजनों के आदान-प्रदान के माध्यम से वैश्विक शांति का संदेश दिया जाएगा। इस अवसर पर 'एक भारत एक विश्व' विषय पर प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उद्भव की तकनीकी प्रमुख एवं प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना वाणी माधव की प्रस्तुति होगी। वह स्थानीय कलाकारों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की बारीकियों का प्रशिक्षण भी देंगी।
म्यूनिख आयोजन उद्भव के यूरोपीय क्षेत्र के निदेशक आदित्य सिंह तोमर एवं अक्षत सिंह तोमर तथा सद्गुरु दर्शन न्यास के जर्मनी प्रमुख अमित गर्ग के संयुक्त प्रयासों से किया जा रहा है।
ग्वालियर में होने वाले अंतरराष्ट्रीय कल्चरल ओलंपियाड में शास्त्रीय, अर्धशास्त्रीय और लोक नृत्यों की समूह एवं एकल प्रतियोगिताएं, वाद्य यंत्रों के बैंड की प्रतियोगिताएं तथा विभिन्न वर्गों में चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। पहली बार वृहद मॉडल यूनाइटेड नेशन्स सम्मेलन भी होगा, जिसमें देश-विदेश के स्कूली विद्यार्थी वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
उद्भव के उपाध्यक्ष सुरेंद्रपाल सिंह कुशवाह और प्रवीण शर्मा ने बताया कि यह ग्वालियर के विद्यार्थियों और कलाकारों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला एवं बौद्धिक कौशल प्रदर्शित करने का अवसर है। कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल और शरद सारस्वत ने बताया कि विभिन्न प्रतियोगिताओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को वर्ष 2027 में विभिन्न देशों में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
संस्था के अनुसार अब तक देश के तीन हजार से अधिक कलाकार विभिन्न देशों में उद्भव के माध्यम से भारतीय संस्कृति का प्रदर्शन कर चुके हैं। पत्रकार वार्ता में डॉ. केशव पांडेय, दीपक तोमर, किरण भदौरिया, सुरेंद्रपाल सिंह कुशवाह, मनोज अग्रवाल, प्रवीण शर्मा, शरद सारस्वत सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
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