ग्वालियर , अगस्त 01 -- मध्यप्रदेश के ग्वालियर में शनिवार को बजरंग दल के कार्यकर्ता बिहार के सांसद पप्पू यादव द्वारा संसद परिसर में किए गए कथित चंदा चोरी प्रदर्शन के विरोध में कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने पहुंचे।

कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भी जवाबी प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन कर विरोध जताया। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने की आशंका के बीच पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनने दी। पूरा घटनाक्रम शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर हुआ।

बजरंग दल ने पहले ही कांग्रेस कार्यालय घेरने की घोषणा कर दी थी, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। कांग्रेस कार्यालय की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे। वाटर कैनन और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

नारेबाजी करते हुए जब बजरंग दल के कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़े तो पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग पर ही रोक दिया। कुछ देर तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे बढ़ने को लेकर बहस हुई, लेकिन किसी को भी कांग्रेस कार्यालय तक नहीं पहुंचने दिया गया। इसके बाद कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। विरोध के दौरान राहुल गांधी और सांसद पप्पू यादव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोनों नेताओं का पुतला भी फूंका गया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी जवाबी प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया। बताया गया कि पुलिस मौके पर पहुंचती, उससे पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ता पुतला जला चुके थे। हालांकि दोनों पक्षों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने दोनों समूहों को अलग-अलग रखा और किसी तरह की झड़प नहीं होने दी।

बजरंग दल के पदाधिकारियों का कहना था कि संसद में गुरुओं को लेकर की गई कथित टिप्पणी से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, इसलिए शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया गया।

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