नयी दिल्ली , जून 29 -- केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने ग्लोबल स्किल्स चैलेंज में पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय अनुभव से भारत की वर्ल्डस्किल्स शंघाई प्रतियोगिता की तैयारियां और मजबूत होंगी।
श्री चौधरी ने टीम इंडिया को बधाई देते हुए कहा कि तीन स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक देश के लिए गर्व का विषय हैं। यह सफलता स्किल चैंपियंस, विशेषज्ञों, प्रशिक्षकों और उद्योग साझेदारों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रतियोगिता से मिले अंतरराष्ट्रीय अनुभव से भारत की वर्ल्डस्किल्स शंघाई प्रतियोगिता की तैयारियां और मजबूत होंगी।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने आज बताया कि ऑस्ट्रेलिया में आयोजित ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026 में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य पदक अपने नाम किए। 23 से 29 जून तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 16 देशों के लगभग 600 प्रतिभागियों, विशेषज्ञों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। भारत की इस उपलब्धि को वर्ष के अंत में शंघाई में होने वाली 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों में कर्नाटक के पवन भद्रावती सुरेशा ने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, बिहार के मौसम कुमार गिरी ने क्लाउड कंप्यूटिंग और दिल्ली की विष्णुप्रिया सुनील ने हेल्थ एंड सोशल केयर में स्वर्ण पदक जीता। वहीं महाराष्ट्र के हर्ष रमेश पवार ने 3डी डिजिटल गेम आर्ट में रजत तथा हरियाणा की मुस्कान ने पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग में कांस्य पदक हासिल किया। इन उपलब्धियों ने उन्नत विनिर्माण, डिजिटल तकनीक, रचनात्मक उद्योगों और सेवा क्षेत्र में भारतीय युवाओं की वैश्विक क्षमता को प्रदर्शित किया।
उन्होंने कहा कि भारत के 30 सदस्यीय दल में 15 प्रतियोगी और 15 विशेषज्ञ शामिल थे, जिन्होंने 15 विभिन्न स्किल श्रेणियों में देश का प्रतिनिधित्व किया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का मूल्यांकन वर्ल्डस्किल्स के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया गया, जिससे उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा, आधुनिक उपकरणों और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिला। सरकार ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं भारतीय युवाओं में कौशल को सम्मानजनक करियर के रूप में स्थापित करने के साथ-साथ स्किल इंडिया मिशन के तहत भारत को वैश्विक स्तर पर कुशल कार्यबल के रूप में मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
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