ग्रेटर नोएडा , अक्टूबर 12 -- हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के महानिदेशक एवं मुख्य संरक्षक राकेश कुमार ने कहा कि ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में आयोजित होने वाला विश्वस्तरीय हस्तशिल्प मेला भारत की अर्थव्यवस्था और निर्यात को बढ़ावा देने के साथ देशभर के करीब 60 लाख शिल्पकारों एवं बुनकरों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगा। इनमें 47 प्रतिशत महिला शिल्पकार हैं।

श्री कुमार ने सोमवार को बताया कि मंगलवार से पांच दिन तक चलने वाले दिल्ली बसंतकालीन हस्तशिल्प मेले में करीब 35 प्रतिशत निर्माता और निर्यातक उत्तर प्रदेश के हैं। इनमें सहारनपुर के लकड़ी पर नक्काशी वाले फर्नीचर और उपहार सामग्री की विशेष मांग रहती है। उन्होंने बताया कि सहारनपुर और मुरादाबाद के करीब 50 निर्यातक मेले में हिस्सा लेंगे।

उन्होंने बताया कि मेले का आयोजन 17 हॉल में किया जाएगा। इसमें कालीन, रग, टेक्सटाइल एवं लिनेन, उपहार सामग्री, आभूषण, बैग, लैंप एवं प्रकाश उपकरण, रसोई और बाथरूम की उपयोगी सामग्री, गन्ने और बांस से बने उत्पाद, कागज से निर्मित वस्तुएं, पर्यावरण अनुकूल उत्पाद तथा खिलौने प्रदर्शित किए जाएंगे।

मेले में चीन, जर्मनी, जापान, अमेरिका, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, इजराइल, ब्राजील, कनाडा, मिस्र, फ्रांस, इटली, ब्रिटेन, वियतनाम, रूस, सऊदी अरब, हांगकांग, नीदरलैंड, स्पेन और स्वीडन सहित करीब 100 देशों के विदेशी खरीददारों के भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों में रुचि दिखाने की उम्मीद है।

विदेशी खरीदारों के अलावा आदित्य बिड़ला फैशन, फैबइंडिया लिमिटेड, रिलायंस रिटेल, लाइफस्टाइल इंटरनेशनल और आर्चीज सहित कई प्रमुख भारतीय कंपनियों एवं खुदरा कारोबारियों के भी मेले में पहुंचने की संभावना है।

परिषद के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने बताया कि इस वर्ष मेले में कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत से हस्तशिल्प उत्पादों का कुल निर्यात 33,168 करोड़ रुपये (3,754 मिलियन डॉलर) रहा था।

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