ग्रेटर नोएडा , अक्टूबर 17 -- उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा कासना थाना क्षेत्र में छह वर्षीय बच्चे के अपहरण के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पांच पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपी पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हो गए। आरोपियों के कब्जे से अपहृत बच्चे को बरामद करने के साथ अवैध तमंचे, कारतूस, नकदी और वारदात में इस्तेमाल कार व मोटरसाइकिल भी बरामद की गई हैं। प्रारंभिक पूछताछ में बच्चे को रुपये लेकर दूसरे व्यक्ति को सौंपने की बात सामने आई है।
ग्रेटर नोएडा पुलिस उपायुक्त श्री श्रवण कुमार सिंह ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को एक व्यक्ति ने कासना थाने में सूचना दी कि उसका करीब छह वर्षीय बेटा 13 अक्टूबर को घर के बाहर खेलते समय लापता हो गया था। काफी तलाश करने के बावजूद बच्चे का पता नहीं चल सका। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्चे की तलाश और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही थी।
शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध ग्राम डाढ़ा के पास बच्चा चोरी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। इस पर पुलिस टीम ने डाढ़ा गोलचक्कर के पास चेकिंग शुरू की। इसी दौरान सामने से आ रही एक संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन उसमें सवार लोगों ने भागने का प्रयास किया। पीछा करने पर कार पेड़ से टकराकर रुक गई। जहां कार से उतरे आरोपियों ने टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में गुरमीत सिंह, सुमित कुमार और अंकित कुमार पैर में गोली लगने से घायल हो गए। उनके पास से तीन अवैध तमंचे, तीन खोखा कारतूस और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि अंकित और नकुल ने कथित तौर पर काशीराम अस्पताल के सामने से बच्चे का अपहरण किया था। इसके बाद अंकित, नकुल, सुमित, गुरमीत और विकास बच्चे को औरा कार से गाजियाबाद ले गए। सुमित ने बताया कि उसकी मामी पुष्पा ने उसे एक महिला कमलेश के बारे में जानकारी दी थी, जो नाबालिग बच्चा लेने के बदले रुपये देने की बात कह रही थी। आरोप है कि बच्चे को सौंपने के बाद आरोपियों को कुल दो लाख रुपये मिले थे, जबकि 2.50 लाख रुपये बाद में मिलने थे।
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