नोएडा , अक्टूबर 28 -- उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में किसानों, औद्योगिक क्षेत्रों और शहरी सुविधाओं से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में आपसी सहमति से जमीन देने वाले किसानों को अधिग्रहण के समान सुविधाएं देने, वर्ष 2002 से 2013 के बीच भूमि अधिग्रहण या क्रय से प्रभावित किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर देने और आबादी भूखंड आवंटन की पात्रता के नियमों में बदलाव के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा लीज बैक के मामलों में ब्याज माफी, विस्थापित किसानों की लीज डीड का खर्च उठाने, कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने, नए पुलिस थाने के लिए जमीन देने और बिजलीघर की क्षमता बढ़ाने से संबंधित प्रस्तावों पर भी बोर्ड ने मुहर लगाई।
बुधवार को आयोजित बैठक संबंधी जानकारी साझा करते हुए प्राधिकरण सूचना विभाग अधिकारी ने बताया कि आपसी सहमति से भूमि देने वाले किसानों को समान सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत 5725 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर का विकल्प चुनने वाले भू-स्वामियों को छह प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ मिलेगा। वहीं, 6415 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर का विकल्प चुनने वालों को यह सुविधा नहीं मिलेगी। दोनों विकल्प 27 अगस्त 2026 की बोर्ड बैठक में निर्धारित किए गए थे। नई व्यवस्था के तहत 27 अगस्त के बाद होने वाली भूमि खरीद की प्रक्रिया इसी निर्णय के अनुरूप होगी।
इसके साथ ही वर्ष 2002 से 2013 के बीच भूमि अधिग्रहण या क्रय से प्रभावित उन किसानों को भी 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिन्हें अब तक इसका लाभ नहीं मिला है। ग्रेटर नोएडा के करीब 533 किसानों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है। शासन से सहमति मिलने के बाद प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा गया था।
किसानों की मांग पर आबादी भूखंड आवंटन की पात्रता संबंधी नियमों में संशोधन किया गया है। अब पात्र परिवार की परिभाषा में पितामह, पितामही, माता-पिता, पति-पत्नी के साथ सास-ससुर को भी शामिल किया जाएगा। इससे उन मामलों में राहत मिलने की उम्मीद है, जिनमें भूमि अर्जन की कार्रवाई से पहले जमीन पुत्रवधू के नाम हस्तांतरित कर दी गई थी। हालांकि, लाभ के लिए अधिसूचित क्षेत्र का मूल निवासी होने और राजस्व अभिलेखों में निर्धारित शर्तें पूरी करने जैसी पात्रताएं लागू रहेंगी।
ग्रामीण आबादी की जमीन के लीज बैक मामलों में निर्धारित धनराशि के भुगतान में देरी पर लगने वाले ब्याज को माफ करने के लिए विनियमावली में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त लीज बैक के मामलों में किसानों के हिस्से का निर्धारण कर लीज डीड जारी करने की प्रक्रिया अपनाने पर भी सहमति बनी।
वहीं, गाजियाबाद में न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर फैक्ट्री से एनएच-9 तक लिंक रोड निर्माण से प्रभावित किसानों के पुनर्वास के लिए ग्राम चिपियाना खुर्द उर्फ तिगरी में उपलब्ध 5.48 एकड़ जमीन पर लीज डीड कराने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। पात्र किसानों के दस्तावेजों के सत्यापन के बाद लीज डीड की प्रक्रिया पूरी होगी और उसका खर्च प्राधिकरण वहन करेगा।
युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने के लिए सेक्टर ईकोटेक-1 में 32,880 वर्गमीटर यानी करीब आठ एकड़ जमीन पर सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। एमएसएमई विभाग की सहमति के बाद भूमि निशुल्क आवंटित की जाएगी। केंद्र में कौशल विकास, भाषा प्रशिक्षण, हॉस्टल और प्लेसमेंट जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
इसके अलावा ग्राम कासना में ईकोटेक-1 एक्सटेंशन क्षेत्र में पुलिस थाना बनाने के लिए 3957 वर्गमीटर जमीन निशुल्क आवंटित करने का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ। इससे औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
औद्योगिक क्षेत्र ईकोटेक-10 में मौजूदा 132/33 केवी जीआईएस विद्युत उपकेंद्र को 220 केवी क्षमता के उपकेंद्र में अपग्रेड किया जाएगा। परियोजना पर निर्माण और जमीन की लागत सहित करीब 226 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए 8945 वर्गमीटर जमीन उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड को निशुल्क उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। इससे ईकोटेक-10, ईकोटेक-11, घंघोला और मायचा सहित आसपास के क्षेत्रों की भविष्य की बिजली जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी।
बैठक में चेयरमैन दीपक कुमार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश, यीडा के सीईओ आरके सिंह सहित प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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