ग्रेटर नोएडा , जून 15 -- उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के कासना थाना पुलिस ने अज्ञात युवक की हत्या के मामले का खुलासा करते हुये मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना डंडा, तीन पीली धातु के कड़े तथा घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। मृतक और आरोपी आपस में घनिष्ठ मित्र थे, लेकिन लालच और नशे की लत ने दोस्ती को खौफनाक हत्या में बदल दिया।

पुलिस ने सोमवार को कार्रवाई की जानकारी देते हुये बताया कि पुलिस को शुक्रवार को चीरसी गांव की नहर के पास एक अज्ञात शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। जांच के दौरान शव की पहचान हुजैफ (23) पुत्र मुज्जमिल निवासी ग्राम दौला राजपुर, थाना दनकौर, के रूप में हुई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मामले के शीघ्र खुलासे के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया था।

कासना थाना पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, भौतिक साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान संदेह मृतक के मित्र शहजाद उर्फ बिट्टू (19) पुत्र तरीकत निवासी ग्राम दौला राजपुर पर गया। पुलिस ने शहजाद को सोमवार को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सामने आया कि मृतक हुजैफ और आरोपी शहजाद एक ही गांव के रहने वाले थे और दोनों सूखा नशा करने के आदी थे। हुजैफ नया मोबाइल फोन खरीदने और एसी का काम शुरू करने के लिए पैसों की तलाश में था। परिवार द्वारा पैसे नहीं दिए जाने पर उसने अपनी मां के चार पीली धातु के कड़े चोरी कर लिए थे।

हुजैफ ने इन कड़ों को बेचने की बात अपने मित्र शहजाद और अन्य साथियों को बताई थी। इसी जानकारी के बाद शहजाद के मन में कड़े हड़पने की योजना बनी। गत 12 जून को शहजाद ने कड़े बिकवाने का झांसा देकर हुजैफ को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाया और अपने साथ ले गया। रास्ते में दोनों ने नशा किया। इसके बाद आरोपी सुनसान स्थान की तलाश करता हुआ हुजैफ को चंद्रावल गांव के पास नहर किनारे ले गया।

मौके पर पहुंचने के बाद आरोपी ने अचानक डंडे से हुजैफ के सिर पर वार कर दिया। जमीन पर गिरने के बाद भी उसने कई बार डंडे से हमला किया, जिससे हुजैफ की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद आरोपी वहां से भाग निकला लेकिन कुछ दूरी पर पहुंचकर उसे शक हुआ कि कहीं हुजैफ जीवित न हो। इस पर वह दोबारा घटनास्थल पर लौटा।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने शव की पहचान मिटाने के उद्देश्य से अपनी मोटरसाइकिल से पेट्रोल निकालकर शव पर छिड़क दिया और आग लगा दी। आग की लपटें तेज होने पर उसे डर हुआ कि आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच सकते हैं। इसी भय से वह शव को नहर में फेंकने की योजना छोड़कर मौके से फरार हो गया।

पुलिस ने आरोपी शहजाद उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार कर न्यायिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में कासना थाना में बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से हत्या की इस सनसनीखेज वारदात का मात्र तीन दिनों में सफल अनावरण किया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

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