ग्रेटर नोएडा , मई 13 -- उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना पुलिस और साइबर सेल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत सब्सिडी लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर छह आराेपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त 18 की-पैड मोबाइल, छह स्मार्टफोन और 15 रजिस्टर बरामद किए गए।

पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

गिरफ्तार आरोपियों द्वारा इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आधार कार्ड और पैन कार्ड से संबंधित विज्ञापन चलाने का कार्य किया करते थे। जब कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों पर क्लिक करता था, तो उसे मोबाइल नंबर दिखाई देता था। इसके बाद अभियुक्त स्वयं को फर्जी लोन अधिकारी बताकर पीड़ित को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत सब्सिडी आधारित होम लोन दिलाने का झांसा देते थे।

पीड़ितों से फाइल चार्ज, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर प्रत्येक व्यक्ति से लगभग दो से चार लाख रुपये तक विभिन्न बैंक खातों में जमा कराए जाते थे। इस प्रकार, अभियुक्तों ने अनेक व्यक्तियों के साथ धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये की ठगी की।

आरोपियों द्वारा की-पैड मोबाइल फोन का उपयोग किया करते थे,और बार-बार सिम कार्ड बदलकर संपर्क करते थे। पूरे गिरोह का संचालन एक "बॉस" के निर्देश पर होता था, जिसके साथ वे मोबाइल के माध्यम से संपर्क में रहते थे।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम धर्मराज राठौर (38), ग्राम अरकेरी, बीजापुर, कर्नाटक, रवि कुमार (26), ग्राम होर्ती, बीजापुर, कर्नाटक, किशन राठौर (32), ग्राम अरकेरी, बीजापुर, कर्नाटक, किरण नायर (21) ग्राम बरडगी, बीजापुर, कर्नाटक और किरण बाबू राठौर (28) ग्राम बरडगी, विजयपुर, कर्नाटक है।

गिरफ्तारी के बाद सभी अभियुक्तों को थाने लाकर उनके कब्जे से 18 की-पैड मोबाइल, 6 स्मार्टफोन और 15 रजिस्टर बरामद किए गए। इस संबंध में बिसरख थाना में आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बिसरख थाना पुलिस और साइबर सेल की इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि डिजिटल और सोशल मीडिया पर चलने वाली ठगी की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और ऐसे गिरोहों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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