भीलवाड़ा , मई 19 -- भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट संघ के अध्यक्ष विश्व बंधु सिंह राठौड़ ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा डीजल और पैट्रोल की कीमतों में लगातार की जा रही बढ़ोत्तरी के साथ-साथ ट्रांसपोर्टर्स पर लगाए जा रहे ग्रीन टैक्स और जुर्माने के भारी-भरकम मामलों ने ट्रांसपोर्ट व्यवसाय की कमर तोड़कर रख दी है। आने वाले समय में अगर यही स्थिति रही, तो ट्रांसपोर्टर्स को आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि सरकार जिस रफ्तार से डीजल के दाम बढ़ा रही है, उससे ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा होता जा रहा है। एक तरफ डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं, तो दूसरी तरफ बाजार में गाड़ियों का भाड़ा नहीं बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा टोल टैक्स में लगातार हो रही वृद्धि और नए-नए ग्रीन टैक्स लगाकर उद्योग को दबाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि पर्यावरण अनुकूल मानी जाने वाली सीएनजी और विद्युत (इलेक्ट्रिक) गाड़ियों को भी इस टैक्स के दायरे से बाहर नहीं रखा जा रहा है और उन्हें भी नहीं बख्शा जा रहा है।
श्री राठौड़ ने बताया कि इस विकट स्थिति को लेकर हाल ही में मोटर मालिकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से बैंकों से यह आग्रह करने का निर्णय लिया गया है कि वे वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए गाड़ियों की किस्त जमा करने के लिए ट्रांसपोर्टर्स को कुछ अतिरिक्त समय की मोहलत दें, क्योंकि मौजूदा हालातों में समय पर किस्त चुका पाना किसी भी सूरत में मुमकिन नहीं है।
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