लखनऊ , मार्च 13 -- उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश सरकार द्वारा लागू की जा रही मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 के तहत सभी ग्राम पंचायतों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने की दिशा में अधिकारी गंभीरता से कार्य करें।

शुक्रवार को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने योजना भवन स्थित एनआईसी सेंटर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने बताया कि मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 66(1) के अंतर्गत दी गई व्यवस्था के अनुसार इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संचालित वाहनों को अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार परमिट की अनिवार्यता से छूट प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत को सस्ती और सुगम परिवहन सेवा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों को विकासखंड, तहसील और जनपद मुख्यालय से सीधे परिवहन सुविधा के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। वर्तमान में परिवहन निगम द्वारा तहसील मुख्यालय, नगर पालिका परिषद और नगर निगम स्तर पर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

दयाशंकर सिंह ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की सभी 59,163 ग्राम पंचायतों को परिवहन सेवा से जोड़ना है, ताकि ग्रामीण जनता को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय तक सुरक्षित और सीधी पहुंच मिल सके। साथ ही निजी बस संचालकों के माध्यम से उन ग्रामीण मार्गों पर भी परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, जहां परिवहन निगम की बसें कम संचालित होती हैं।

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