पटना, जून 22 -- पड़ोसी देश नेपाल से सटे अंतरराष्ट्रीय सीमा सहित अन्य सीमावर्ती जिलों से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर संपर्कता सुनिश्चित करने और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत सीमावर्ती जिलों में ग्रामीण सड़कों के सतह नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इस दिशा में मधुबनी जिले में 798 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का सतह नवीनीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वहीं पूर्वी चंपारण में 627 किलोमीटर तथा पश्चिम चंपारण में 306 किलोमीटर ग्रामीण पथों का सुदृढ़ीकरण किया जा चुका है। साथ ही सुपौल जिले में 271 किलोमीटर लंबी सड़कों का सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित किया गया है। सीमांचल क्षेत्र तथा पश्चिम बंगाल की सीमा से जुड़े जिलों में भी इस कार्यक्रम के तहत व्यापक कार्य किए गए हैं। इस क्रम में पूर्णिया जिले में 386 किलोमीटर, अररिया में 340 किलोमीटर तथा किशनगंज में 314 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का सतह नवीनीकरण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

इन सीमावर्ती क्षेत्रों में ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ होने से ग्रामीण जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। ग्रामीण सड़कों के व्यापक सुदृढ़ीकरण का प्रत्यक्ष लाभ लाखों ग्रामीण परिवारों को मिल रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर संपर्कता के कारण लोगों का आवागमन अधिक सुगम हुआ है और सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति भी मिल रही है।

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