नयी दिल्ली , सितंबर 11 -- ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मणिपुर के बिष्णुपुर और चुराचांदपुर जिलों में चल रही विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा की।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि मंत्रालय के अधिकारियों ने आठ से 10 सितंबर तक दो दिवसीय क्षेत्रीय दौरे के दौरान योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया और लाभार्थियों तथा संबंधित पक्षों से बातचीत की।

मंत्रालय के अनुसार, मणिपुर में ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजनाओं के लिए केंद्र सरकार के राज्य नोडल क्षेत्र अधिकारी और मंत्रालय में उप महानिदेशक अल्ताफ हुसैन हाजी के नेतृत्व में यह दौरा किया गया। उनके साथ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के उप निदेशक राजेश कुमार भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), लाभार्थियों और विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं से जुड़े हितधारकों से बातचीत कर योजनाओं की स्थिति और उनके प्रभाव की जानकारी ली।

अधिकारियों ने जिला प्रशासन को ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और उनकी पहुंच को मजबूत करने के निर्देश दिये। उन्होंने जमीनी स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया, ताकि ग्रामीण समुदायों को सरकारी योजनाओं और उनसे मिलने वाले लाभों की जानकारी मिल सके। विभिन्न विभागों और योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर निर्धारित लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल करने तथा अधिक से अधिक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर भी बल दिया गया।

दौरे के दौरान लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत किस्तों के भुगतान में देरी और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के तहत पेंशन भुगतान से संबंधित शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं। राज्य नोडल अधिकारी ने संबंधित जिला अधिकारियों को इन समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिये। अधिकारियों ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत स्वयं सहायता समूहों के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने पाया कि एसएचजी सदस्य उत्साह के साथ काम कर रहे हैं और जल्द से जल्द 'लखपति दीदी' बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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