पटना, अगस्त 13 -- बिहार के ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री श्रवण कुमार ने गुरुवार को कहा कि ग्रामीण विकास विभाग में तैनात ग्रामीण विकास पदाधिकारी (आरडीओ) ग्रामीण क्षेत्रों की आधाररभूत संरचना का निर्माण, कल्याणकारी योजनाओं को तैयार करने, आपदा प्रबंधन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने जैसी महती जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा एवं तन्मयता के साथ निभा रहे हैं। मंत्री श्री कुमार ने आज बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त परीक्षा में उत्तीर्ण नव चयनित 359 ग्रामीण विकास पदाधिकारियों को नियुक्ति-पत्र वितरण के मौके पर कहा कि आज का दिन ग्रामीण विकास विभाग के लिए अत्यंत गौरव का है। बिहार में पूर्व में 960 ग्रामीण विकास पदाधिकारियों की नियुक्ति हो चुकी है। मंत्री ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा में आकर विकास की जिम्मेवारी संभालते हुए ये पदाधिकारी विकास की मिसाल कायम करेंगे। उन्होंने कहा कि रोजगार और विकास की परिकल्पना साथ-साथ साकार हो रही है। विकसित बिहार और विकसित भारत में युवाओं की भूमिका बेहद अहम है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।
मंत्री ने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने 2025 के बिहार विधान सभा चुनाव में आगामी पांच वर्ष के दौरान बिहार के प्रतिभावान युवाओं को एक करोड़ नौकरी एवं रोजगार देने का वादा किया था। उनके इसी वादों के अनुरूप ग्रामीण विकास विभाग में कुछ दिन पहले भी जीविका के विभिन्न पदों पर चयनित दो हजार 446 सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र का वितरण किया था।
मंत्री ने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार नीतीश कुमार के संकल्प को पूर्ण करने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग और अन्य विभागों की संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने में प्रखंड कार्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्रामीण विकास विभाग ने प्रत्येक प्रखंडों में एक प्रखंड विकास पदाधिकारी का पद सृजित किया है। वैसे प्रखंड जहां 15 से अधिक पंचायत हैं वहां प्रखंड प्रशासन को मजबूती देने के लिए एक ग्रामीण विकास पदाधिकारी का पद भी सृजित किया गया है।
ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि ग्रामीण विकास सेवा संवर्ग का गठन बिहार ग्रामीण विकास सेवा संवर्ग नियमावली- 2010 के तहत किया गया है। इसी क्रम में 70वीं एकीकृत प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर कुल 390 अभ्यर्थियों की अनुशंसा बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा ग्रामीण विकास पदाधिकारी के पद पर की गई थी। उन्होंने कहा कि इन अभ्यर्थियों का बायो-मैट्रिक एवं प्रमाण पत्रों का सत्यापन अलग-अलग तिथियों पर बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) की ओर से किया गया। इस सेवा में प्रथम नियुक्ति स्तर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (लेवल-7) का पद है, जिनका पदस्थापन प्रखंडों, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण में सहायक परियोजना पदाधिकारी और जीविका के तहत कार्यान्वित जीविका निधि में सहायक प्रशासी पदाधिकारी के पद पर किया जाता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित