लखनऊ , मई 30 -- उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए सिर्फ तकनीकी प्रशिक्षण देने तक सीमित न रखते हुए अब उनके व्यक्तित्व विकास पर भी फोकस शुरू कर दिया है।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत चलने वाले सभी आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों के लिए सालभर का गतिविधि कैलेंडर जारी किया है।

इस कैलेंडर के तहत हर महीने राष्ट्रीय दिवस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिता, उद्यमिता सत्र, डिजिटल साक्षरता और करियर वर्कशॉप आयोजित होंगे।

करियर काउंसलिंग से लेकर अंग्रेजी बोलने और रिज्यूम बनाने की ट्रेनिंग तक, युवाओं को कॉरपोरेट माहौल के हिसाब से तैयार किया जाएगा।

कौशल विकास राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि अब ग्रामीण युवा सिर्फ तकनीकी दक्षता नहीं, बल्कि संवाद, नेतृत्व और आत्मविश्वास से भी सशक्त बनेंगे।

मिशन निदेशक पुलकित खरे के अनुसार, हर केंद्र में सांस्कृतिक, खेल, डिजिटल, साहित्य, पर्यावरण और उद्यमिता जैसे छह क्लब अनिवार्य होंगे, जिनमें छात्राओं और दिव्यांग प्रशिक्षुओं की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।

कौशल मिशन का यह कदम युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे खोलने के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में बड़ी पहल मानी जा रही है।

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