गोरखपुर , अक्टूबर 16 -- ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपी-एसआरएलएम) के तहत संचालित 'श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर्स ऑर्गनाइजेशन' (एमपीओ) एक सफल मॉडल बनकर उभरा है।

नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से गठित यह संगठन पूर्वी उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। कभी घर-परिवार तक सीमित रहने वाली महिलाएं आज दूध उत्पादन और आपूर्ति के माध्यम से कारोबार में भागीदारी निभा रही हैं।

तीन वर्षों में संगठन ने 407 करोड़ रुपये का टर्नओवर दर्ज किया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि संगठन की सभी 79,000 सदस्य ग्रामीण महिलाएं हैं। सरकार के 'लखपति दीदी' विजन को आगे बढ़ाते हुए एमपीओ से जुड़ी 6,812 महिलाएं इस श्रेणी में शामिल हुई हैं, जबकि 285 महिला सदस्यों की सालाना आय 10 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। दूध उत्पादन और उसकी नियमित आपूर्ति के जरिए ये महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अपनी भागीदारी मजबूत कर रही हैं।

ग्रामीण महिलाओं की सफलता की इन कहानियों में गोरखपुर के सिकरीगंज क्षेत्र के पिडरा गांव की कौशल्या देवी भी शामिल हैं। श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ से जुड़ने के बाद उन्होंने आधुनिक पशुपालन, वैज्ञानिक प्रबंधन और नियमित दूध आपूर्ति के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।

संगठन के अनुसार, वह गोरखपुर जिले में दूध आपूर्ति के मामले में जिला टॉपर बनी हैं।कौशल्या देवी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 28,483 लीटर दूध की आपूर्ति की, जिसके एवज में उन्हें 10 लाख 50 हजार 119 रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ। वित्तीय वर्ष 2025-26 में उन्होंने 37,106 लीटर दूध की आपूर्ति कर 14 लाख 95 हजार 604 रुपये का भुगतान प्राप्त किया। वहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष में 30 सितंबर तक वह 25,420 लीटर दूध की आपूर्ति कर 10 लाख 10 हजार 58 रुपये का भुगतान प्राप्त कर चुकी हैं। कौशल्या देवी बताती हैं कि एमपीओ से जुड़ने के समय उनके पास केवल दो गायें थीं। संगठन से नियमित भुगतान और अन्य सुविधाएं मिलने से उनका भरोसा बढ़ा और उन्होंने पशुपालन का विस्तार किया। आज उनके पास 16 गायें हैं। उनकी यह यात्रा बताती है कि नियमित बाजार, समय पर भुगतान और बेहतर पशुपालन व्यवस्था ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार कर सकती है।

श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी धनराज साहनी के अनुसार, संगठन का नेटवर्क गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, संतकबीरनगर, आजमगढ़ और मऊ सहित सात जिलों में फैला हुआ है। संगठन से जुड़ी प्रत्येक महिला सदस्य इसकी शेयरधारक है। इन सदस्यों के माध्यम से प्रतिदिन डेढ़ लाख लीटर से अधिक दूध का संग्रहण किया जा रहा है।संगठन में दुग्ध भुगतान की व्यवस्था पारदर्शी रखी गई है। दूध की आपूर्ति के एवज में प्रत्येक 10 दिन में सीधे सदस्य महिलाओं के बैंक खातों में भुगतान किया जाता है। धनराज साहनी के अनुसार, अब तक हुए दुग्ध संग्रह के एवज में 407 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित यह एमपीओ मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तीकरण, वित्तीय समावेशन और श्वेत क्रांति को एक साथ आगे बढ़ाने की मिसाल बनकर उभरा है। संगठन के माध्यम से महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़ने, नियमित भुगतान की व्यवस्था उपलब्ध कराने और उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के प्रयास ग्रामीण आजीविका को मजबूती देने में सहायक साबित हो रहे हैं।

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