पटना , अप्रैल 14 -- बिहार में ग्रामीण सड़कों और पुलों के निर्माण में लापरवाही एवं लेटलतीफी करने वाले ठेकेदारों पर ग्रामीण कार्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है।
विभाग ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने आठ संवेदकों एवं निर्माण एजेंसियों को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विभागीय आदेशों के अनुसार मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना, बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत आवंटित निर्माण कार्यों को अधूरा छोड़ने, तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण न करने और विभागीय नोटिसों की अनदेखी करने के आरोप में सात संवेदकों को अगले तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है। इनमें गया, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी और शिवहर जिलों में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियां और ठेकेदार शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त निविदा प्रक्रिया में धोखाधड़ी कर फर्जी ऑडिट रिपोर्ट संलग्न कर विभाग को गुमराह करने के आरोप में मधुबनी के एक अन्य संवेदक को बिहार ठीकेदारी निबंधन नियमावली 2007 के प्रावधानों के तहत 2 वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है।
ग्रामीण कार्य विभाग की यह कार्रवाई सभी निर्माण एजेंसियों के लिए एक सख्त चेतावनी है कि एकरारनामा के अनुरूप कार्य न करने वालों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित