नैनीताल , अप्रैल 24 -- उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते तेंदुए के हमलों को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद शासन-प्रशासन की संवेदनशीलता नदारद है और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
शुक्रवार को जारी बयान में श्री आर्य ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में बाघ का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों में भय का माहौल है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण जंगल जाने से डर रहे हैं, बच्चे स्कूल जाने में असहज हैं और महिलाएं रोज खतरे का सामना कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल वन्यजीव संरक्षण का विषय नहीं बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा का गंभीर सवाल है। उन्होंने कहा कि हम बाघों को बचाना चाहते हैं लेकिन इंसान की जान उससे कम महत्वपूर्ण नहीं हो सकती है।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की कि संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और पेट्रोलिंग तत्काल बढ़ाई जाए, हर प्रभावित इलाके में रैपिड रिस्पॉन्स टीम तैनात की जाए और ग्रामीणों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराते हुए जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
इसके अलावा, उन्होंने बाघ हमलों में जान गंवाने वाले परिवारों को शीघ्र और सम्मानजनक मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों की आवाज को नीतिगत निर्णयों में शामिल करना बेहद जरूरी है।
अंत में श्री आर्य ने चेताया कि यदि सरकार ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि मानवीय संवेदनाओं की हार होगी।
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