भोपाल , अक्टूबर 26 -- मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से बाहर ग्रामीण क्षेत्र में एक चीते पर लाठियों से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। हमले में चीता गंभीर रूप से घायल हुआ है और उसका उपचार चल रहा है। कूनो के फील्ड डायरेक्टर एवं भारतीय वन सेवा के अधिकारी उत्तम कुमार शर्मा ने चीते पर हमले की पुष्टि करते हुए उसकी मौत की खबर को गलत बताया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह मुरैना जिले के एक गांव के पास चीते के पहुंचने और ग्रामीणों द्वारा उस पर हमला किए जाने की घटना हुई। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि कूनो क्षेत्र के बमोरी गांव में दो चीते एक मकान के आंगन में घुस गए थे और वहां बंधे गाय के दो बछड़ों का शिकार कर लिया था। बछड़ों की आवाज सुनकर मकान में मौजूद दंपती जाग गए और जान बचाकर वहां से भागे। घटना में दोनों बछड़ों की मौत हो गई।

सोमवार को चीते पर ग्रामीणों के हमले की जानकारी सामने आई। श्री शर्मा ने बताया कि चीते का उपचार जारी है। उन्होंने घटनास्थल बमोरी गांव के बजाय मुरैना जिले में किसी अन्य स्थान पर होने की बात कही है।

वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि कूनो के चीतों की नियमित ट्रैकिंग की जाती है और उनके साथ निगरानी दल भी रहता है। ऐसे में चीते पर हमला होना गंभीर मामला है और इसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चीते अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण करते हैं और कुछ राजस्थान तथा राजगढ़ तक पहुंच चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कूनो राष्ट्रीय उद्यान में वर्तमान में 53 चीते हैं, जिनमें से 15 खुले जंगल में विचरण कर रहे हैं।

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