श्रीगंगानगर , जून 17 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर में महाराणा प्रताप जयंती के अवकाश के बावजूद ग्रामीणों और किसानों ने बुधवार को श्रीगंगानगर में तीन पुली से चक 4-जैड को जाने वाले रास्ते को धरना लगाकर अवरुद्ध कर दिया।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में भी प्रदर्शन करके धरना दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की। इसके कुछ देर बाद ही जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ अमित यादव ने पूरे जिले में खेतों के चारों ओर लगी ब्लेड तार फेंसिंग और इलेक्ट्रिक झटका फेंसिंग को तत्काल प्रभाव से हटाने के आदेश जारी कर दिये।
ब्लड तार फेंसिंग हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने तीन-चार दिन पहले भी जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया था, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी। आज जारी किये आदेश में जिला कलेक्टर ने कहा कि वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार खुले क्षेत्र में विचरण करने वाले वन्यजीव अक्सर इन ब्लेड तारों और इलेक्ट्रिक फेंसिंग की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं और कई मामलों में उनकी मौत भी हो जाती है। यह स्थिति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2023) के तहत कानूनी अपराध की श्रेणी में आती है।
इससे पहले ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करके चेतावनी दी कि कंटीली और ब्लेड धार वाली तारबंदी को हटाने संबंधी कार्रवाई नहीं की गई तो जिला कलेक्ट्रेट का महाघेराव किया जाएगा।
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