कोरबा , जनवरी 08 -- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित सीईसीएल दीपका खदान में कल हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत के मामले को लेकर चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन प्रशासन और प्रबंधन के साथ हुयी सहमति के बाद समाप्त हो गया है।
मृतक के परिजनों एवं ग्रामीणों ने करीब सात घंटे तक आंदोलन किया गया। यह आंदोलन बुधवार देर रात लगभग 11 बजे प्रशासन एवं सीईसीएल प्रबंधन के साथ हुई सहमति के बाद समाप्त हुआ।
घटना में रेकी निवासी लखन पटेल की मौत उस समय हो गई थी, जब ब्लास्टिंग के बाद खदान से उछला पत्थर उनके ऊपर गिर पड़ा। हादसे के बाद ग्रामीणों ने मुआवजे और रोजगार की मांग को लेकर खदान क्षेत्र में प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन मौके पर पहुंचा।
कटघोरा एसडीएम रोहित सिंह ने आज बताया कि मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने एवं परिवार के एक सदस्य को सीईसीएल की कलिंगा कंपनी में नौकरी देने पर सहमति बनी है, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
पटेल समाज के अध्यक्ष उत्तम पटेल ने कहा कि दीपका खदान क्षेत्र में ऐसे कई प्रभावित परिवार हैं, जिन्हें अब तक मुआवजे के लिए भटकना पड़ रहा है। आंदोलन के दौरान इस मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया और प्रशासन से सभी लंबित मामलों के निराकरण की मांग की गई।
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