देहरादून , जुलाई 02 -- देश के प्रमुख निजी विश्वविद्यालयों में 48वे स्थान वाले उत्तराखंड के देहरादून स्थित ग्राफिक एरा डीम्ड विश्व विद्यालय में गुरुवार को शिक्षा को मानवीय मूल्यों से जोड़ने के लिए तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) शुरू हो गया।
एफडीपी के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि कुलपति डा. नरपिंदर सिंह ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे कहीं अधिक आवश्यक है व्यक्ति में मूल्य विकसित किए जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जीवनव्यापन सिखाना नहीं, बल्कि जीवन जीना सिखाना भी होना चाहिए।
एआईसीटीई के रिसोर्स पर्सन डा. हिमांशु कुमार राय ने कहा कि जब शिक्षा में मानवीय मूल्यों को शामिल किया जाता है, तभी व्यक्ति एक जिम्मेदार, संवेदनशील और बेहतर नागरिक बन पाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब वह व्यक्ति के विचार, व्यवहार और चरित्र में सकारात्मक परिवर्तन लाए।
इस एफडीपी का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी ने यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़ (यूएचवी) सेल और एआईसीटीई के संयुक्त प्रयास से किया। इसमें यूनिवर्सिटी के प्रो. वीसी डा. संतोष एस. सर्राफ, कुलसचिव डा. नरेश कुमार शर्मा, यूएचवी सेल की यूनिवर्सिटी कोऑर्डिनेटर डा. रिचा थपलियाल के साथ एआईसीटीई से डा. प्रियंका राय और कुंवर दीप नारायण, डा. चंद्र किशोर, डा. अनुराग कश्यप, डा. दिव्या वेणुगोपाल, डी.पी. सिंह और अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित