लुधियाना , जुलाई 29 -- शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को आरोप लगाया कि पंजाब में 'कैश फॉर पेपर लीक' घोटाले ने संगठित रूप ले लिया है और आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में 11 भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र कथित रूप से चुनिंदा तरीके से लीक कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया गया।
लुधियाना में वरिष्ठ अकाली नेता महेशिंदर सिंह ग्रेवाल के आवास पर पार्टी जिला नेतृत्व की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री बादल ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा उनसे मिलकर यह कह रहे हैं कि पंजाब में उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है, क्योंकि सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर भारी धनराशि लेकर पेपर लीक किये गये।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व, जिसमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान शामिल हैं, इस पूरे मामले से इनकार कर कथित तौर पर घोटाले में लाभ पाने वालों को बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि पहले सरकार ने टीईटी परीक्षा का पेपर लीक होने की बात स्वीकार की थी, लेकिन अब लगातार पेपर लीक की घटनाओं से इनकार किया जा रहा है।
श्री बादल ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर हस्तक्षेप कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि हाईकोर्ट ने फार्मेसी ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया पर भी रोक लगाई है, जिससे भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल युवाओं के साथ मजबूती से खड़ा है और पार्टी पांच लाख से अधिक प्रभावित युवाओं को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। साथ ही इस कथित रैकेट में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उदाहरणात्मक सजा की मांग भी करेगी।
श्री बादल ने घोषणा की कि इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ आगे की रणनीति तय करने के लिए शिरोमणि अकाली दल की 30 जुलाई को आपात बैठक बुलायी गयी है।
जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 के संशोधित मसौदे पर पूछे गये सवाल के जवाब में सुखबीर बादल ने कहा कि अब यह शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार पर निर्भर करता है कि वे संशोधित मसौदे का अध्ययन कर यह तय करें कि धार्मिक आपत्तियों का समाधान हुआ है या नहीं।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार को धार्मिक मामलों से जुड़े किसी भी फैसले से पहले एसजीपीसी और श्री अकाल तख्त साहिब से सलाह-मशविरा करना चाहिए।
श्री बादल ने इस अवसर पर पार्टी के दाखा विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी जसकरण सिंह देओल के कार्यालय का भी दौरा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वारिस पंजाब दे के नेता मनप्रीत सिंह अयाली आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर राजनीति कर रहे हैं। उनका दावा था कि अयाली अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्टों के लिए सरकारी लाइसेंस और मंजूरियां हासिल करने के उद्देश्य से ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने जसकरण सिंह देओल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में अयाली की राजनीति को उजागर किया है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जसकरण देओल को एक झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की गयी थी, लेकिन उन्हें सर्वोच्च न्यायालय से राहत मिल चुकी है।
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