देवरिया , जुलाई 27 -- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा पूरे देश में एक समान और कड़े केंद्रीय कानून की मांग को लेकर सोमवार को संत समाज और अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी मधुसूदन हुलगी को सौंपा गया।
दिग्धेश्वर नाथ मंदिर के महंत संत जगन्नाथ दास, मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर के उत्तराधिकारी पीठाधीश्वर राजेश नारायण दास के नेतृत्व में संत समाज और उनके अनुयायी प्रभु श्रीराम का नाम-स्मरण करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रीतम मिश्रा तथा दीवानी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता भी इस अभियान में शामिल हुए।
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि देशभर में गौ हत्या पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार एक सख्त और समान केंद्रीय कानून लागू करे। ज्ञापन में कहा गया कि गाय भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था का प्रतीक है, इसलिए उसके संरक्षण के लिए पूरे देश में एक जैसी कानूनी व्यवस्था आवश्यक है, जिससे गौ तस्करी और अवैध वध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
संत समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि गौ माता की रक्षा प्रत्येक नागरिक का धार्मिक और नैतिक दायित्व है। उन्होंने मांग की कि गौ हत्या के मामलों में गैर-जमानती धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए तथा दोषियों को कठोर दंड दिया जाए। साथ ही गौशालाओं के संरक्षण, संचालन और संवर्धन के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं।
अधिवक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में विभिन्न राज्यों में गौ संरक्षण संबंधी अलग-अलग कानून लागू होने के कारण गौ तस्करों को इसका लाभ मिलता है। उन्होंने संसद से पूरे देश में लागू होने वाला एक समान केंद्रीय कानून बनाने की मांग की। साथ ही जिला प्रशासन से गौ तस्करी की घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
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