फर्रुखाबाद , जून 4 -- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गुरुवार को कहा कि यदि गाय को माता माना जाता है, तो सभी को अपने नाम से यह शपथ लेनी चाहिए कि "गौ माता मेरी माता हैं।
'गौ रक्षा धर्म युद्ध यात्रा' गुरुवार दोपहर फर्रुखाबाद के लाल गेट पहुंची, जहां ब्राह्मण सभा के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष अमन दुबे के नेतृत्व में शंकराचार्य का फूल-मालाओं से स्वागत किया। यात्रा जब चौक बाजार पहुंची तो शंकराचार्य के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां जिला सहसंयोजक डॉ. दीपक द्विवेदी एडवोकेट ने उनकी आरती उतारकर स्वागत किया।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि यदि गौ माता को माता माना जाता है, तो सभी को अपने नाम से यह शपथ लेनी चाहिए कि "गौ माता मेरी माता हैं।" उन्होंने कहा कि गौ माता को अपमानजनक शब्दों से पुकारा जाना अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने राज्य सरकार से गौ माता को 'राज्यमाता' तथा केंद्र सरकार से 'राष्ट्रमाता' घोषित करने की मांग की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने "गौ माता की जय" और "हर-हर महादेव" के नारे लगाए।
शंकराचार्य ने कहा कि गौ माता को पशु की श्रेणी से बाहर लाने का प्रयास किया जाएगा, क्योंकि भारतीय परंपरा में उन्हें माता का स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण और गौ सेवा समाज का कर्तव्य है तथा गौ माता पर अत्याचार करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
इसके बाद गौ रक्षा धर्म युद्ध यात्रा मठिया देवी मंदिर पहुंची, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। बाद में शंकराचार्य शहर के रेलवे रोड स्थित महाभारतकालीन पांडेश्वर नाथ मंदिर पहुंचे और भगवान शिव सहित अन्य देवी-देवताओं के दर्शन किए।
इस अवसर पर हिंदू समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अंकित तिवारी, नगर उद्योग व्यापार मंडल (मिश्रा गुट) के सदानंद शुक्ला, हिंदूवादी नेता राजेश मिश्रा, पत्रकार मुन्ना गुप्ता, कानपुर मंडल संयोजक शेषनारायण द्विवेदी, डॉ. दीपक द्विवेदी एडवोकेट सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इसके बाद यात्रा महाभारतकालीन गुरुग्राम देवी मंदिर पहुंची, जहां शंकराचार्य ने माता मंगला गौरी के दर्शन किए और श्रद्धालुओं ने उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया। विभिन्न स्थानों से होते हुए गौ रक्षा धर्म युद्ध यात्रा मोहम्मदाबाद पहुंचेगी, जहां शंकराचार्य रात्रि विश्राम करेंगे।
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