रायपुर , मार्च 14 -- छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस सरकार पर गौठान योजना के नाम पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व सरकार की मंशा गौवंश संरक्षण नहीं बल्कि योजना के जरिए आर्थिक गड़बड़ियां करने की थी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश में गौवंश की सुरक्षा और देखभाल के लिए नई गौ धाम योजना शुरू कर रही है, जिससे आवारा और घुमंतू पशुओं के संरक्षण की व्यवस्था मजबूत होगी।

श्री साव ने नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में 10-10 गौ धाम स्थापित किए जाएंगे। इस प्रकार पूरे प्रदेश में लगभग 1460 गौ धाम बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल 36 गौ धाम के लिए प्रशासनिक स्वीकृति भी जारी की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि गौ धाम योजना में पशुओं के चारे, देखभाल और चरवाहों के मानदेय सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है, ताकि गौवंश के संरक्षण के साथ-साथ पशुपालकों को भी लाभ मिल सके। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में पशुधन की सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार विकसित भारत के लक्ष्य के साथ गांवों के समग्र विकास पर जोर दे रही है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित गांव की परिकल्पना को साकार करने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल राजनीतिक विरोध के लिए इन पहलों का विरोध कर रही है।

श्री साव ने नशे के अवैध कारोबार पर सरकार की सख्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में इस तरह की गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पूरे प्रदेश में सर्वे की प्रक्रिया भी शुरू की गई है, ताकि कहीं भी अवैध नशे का कारोबार संचालित न हो सके।

उन्होंने लोगों से घरेलू एलपीजी गैस और पेट्रोल की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों से सतर्क रहने की अपील की। श्री साव ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

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