भोपाल , जनवरी 13 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस मुख्यालय के सामने मांस से भरे ट्रक के पकड़े जाने के मामले को लेकर मंगलवार को सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई। जय मां भवानी संगठन के कार्यकर्ताओं ने मामले को गंभीर बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च निकालने की चेतावनी दी।

संगठन के आह्वान पर सैकड़ों कार्यकर्ता होटल पलाश के पास एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में भोपाल के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी लोग शामिल हुए। संगठन का कहना है कि मामले में पुलिस की कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं और प्रशासन ने लापरवाही बरती है। प्रदर्शनकारियों ने महापौर मालती राय की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी जताई।

मुख्यमंत्री निवास की ओर रैली ले जाने की चेतावनी को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। पलाश होटल और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। बाणगंगा क्षेत्र में भी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन सहित अन्य इंतजाम किए गए।

जय मां भवानी संगठन से जुड़े भानु हिंदू ने कहा कि अलग-अलग जिलों से लोग यहां पहुंचे हैं और यदि सरकार तथा प्रशासन ने समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की तो संगठन बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने बताया कि संगठन सरकार और प्रशासन को 15 दिन का समय दे रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में एनएसए लगाने, संबंधित लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाने और कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग भी की।

संगठन ने सरकार से पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए विशेष जांच समिति गठित करने की मांग की है, जिसमें संगठन के दो सदस्यों को भी शामिल किया जाए। साथ ही 10 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार कर दोषियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने, फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से शीघ्र न्याय दिलाने, रासुका लगाने, घटना में प्रयुक्त वाहन को राजसात करने और संबंधित लोगों की संपत्तियों की जांच कर अवैध संपत्ति जब्त करने की मांग रखी गई है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण 26.5 टन मांस से भरा ट्रक संबंधित कंपनी को सौंपा गया, उन पर विभागीय जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर निलंबन व एफआईआर में नाम जोड़ा जाना चाहिए। संगठन ने भोपाल में संचालित स्लॉटर हाउस को स्थायी रूप से बंद करने और अवैध पशुवध करने वालों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की।

संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि मांस की जांच के नमूने मथुरा भेजे जाने से रिपोर्ट में करीब 20 दिन की देरी हुई। इसको देखते हुए भोपाल में आधुनिक जांच लैब स्थापित करने की मांग की गई है। साथ ही नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए दुर्घटनाग्रस्त, बीमार और मृत गायों को उठाने के लिए पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था, टोल-फ्री नंबर को प्रभावी बनाने और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। जय मां भवानी संगठन का कहना है कि जब तक सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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