गौतमबुद्धनगर , अप्रैल 29 -- उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में निजी विद्यालयों द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक शुल्क वृद्धि करने के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला शुल्क नियामक समिति के निर्देशों का उल्लंघन करने पर 45 विद्यालयों को नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई उन शिकायतों के आधार पर की गई है जो अभिभावकों द्वारा समिति के समक्ष दर्ज कराई गई थीं।
बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक ने जानकारी देते हुए कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सात अप्रैल को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि विद्यालय अधिकतम 7.23 प्रतिशत तक ही फीस में वृद्धि कर सकते हैं। यह सीमा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में पांच प्रतिशत की वृद्धि को जोड़कर तय की गई थी।
बैठक में सभी विद्यालयों को इस निर्णय का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही अभिभावकों को भी अधिकार दिया गया था कि यदि कोई स्कूल निर्धारित सीमा से अधिक फीस बढ़ाता है, तो वे ईमेल या अन्य माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
निर्देश जारी होने के बाद समिति को कुल 45 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें आरोप लगाया गया कि संबंधित विद्यालयों ने तय सीमा से अधिक फीस बढ़ाई है। इन सभी मामलों में समिति के सचिव द्वारा संबंधित विद्यालयों को नोटिस भेजे गए हैं और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्राप्त जवाबों की समीक्षा के बाद इन मामलों को समिति की अगली बैठक में रखा जाएगा, जहां आगे की कार्रवाई तय होगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पहली बार दोषी पाए जाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार उल्लंघन करने पर पांच लाख रुपये तक का दंड निर्धारित है। वहीं, तीसरी बार नियम तोड़ने पर संबंधित विद्यालय की मान्यता या संबद्धता समाप्त करने की संस्तुति की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के निजी विद्यालयों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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