गौतमबुद्धनगर , अप्रैल 26 -- उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर पुलिस लाइन्स में रविवार को 566 आरक्षियों की भव्य पासिंग आउट परेड (दीक्षांत परेड) का आयोजन उत्साह और गरिमा के साथ किया गया।
लगभग नौ माह के कठिन एवं व्यापक प्रशिक्षण के बाद इन आरक्षियों ने परेड ग्राउंड पर शानदार प्रदर्शन कर अपने अनुशासन, समर्पण और दक्षता का परिचय दिया।
रविवार को आयोजित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने परेड की सलामी ग्रहण की और आरक्षियों को संबोधित करते हुए पुलिस सेवा को एक जिम्मेदारीपूर्ण दायित्व बताते हुए कहा कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन में सुरक्षा और विश्वास कायम करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने आधुनिक पुलिसिंग में संवेदनशीलता, तत्परता और निष्पक्षता को आवश्यक बताया।
पुलिस आयुक्त ने आरक्षियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, अनुशासन और निष्ठा के साथ करेंगे तथा जनता के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित कर पुलिस की छवि को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गौतमबुद्धनगर पुलिस तकनीक-आधारित, पारदर्शी और जवाबदेह पुलिसिंग के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें नए आरक्षियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
इस अवसर पर प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षियों, आईटीआई/पीटीआई प्रशिक्षकों एवं अन्य स्टाफ को सम्मानित किया गया। सर्वांगीण उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रिक्रूट आरक्षी आकाश को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इन सभी आरक्षियों ने 21 जुलाई 2025 से आरटीसी गौतमबुद्धनगर में प्रशिक्षण शुरू किया था। प्रशिक्षण निदेशालय के दिशा-निर्देशों के तहत इन्हें 20 समूहों में विभाजित कर शारीरिक दक्षता, कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, मानवाधिकार, सामुदायिक पुलिसिंग और व्यवहारिक कौशल का उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिया गया।
परेड का संचालन प्रथम परेड कमांडर आरक्षी राजेश कुमार ने किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का वर्चुअल संबोधन भी प्रसारित किया गया, जिसे उपस्थित पुलिस कर्मियों और दर्शकों ने सुना। इस भव्य आयोजन में करीब 1500 लोग शामिल हुए।
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