गौतमबुद्धनगर , जुलाई 01 -- उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में जिले को नशा मुक्त बनाने और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई।

बुधवार को आयोजित बैठक के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा जानकारी साझा करते बताया गया कि बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा चलाए जा रहे प्रवर्तन अभियानों और जन जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ और अधिक प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि गत माह आबकारी विभाग ने पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से विभिन्न थाना क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाकर अवैध मादक पदार्थों और अवैध शराब के खिलाफ सघन कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और नियमानुसार प्रवर्तन अभियान जारी हैं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि केवल कानून प्रवर्तन से ही समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि समाज में व्यापक जनजागरूकता और सामुदायिक सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है।

उन्होंने शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, आबकारी, समाज कल्याण सहित सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, छात्रावासों, पीजी, कोचिंग संस्थानों और अन्य शिक्षण संस्थानों में नियमित रूप से नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि इन संस्थानों के आसपास किसी भी प्रकार की नशे से संबंधित गतिविधियां संचालित न हों।

बैठक के दौरान तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. श्वेता खुराना ने जानकारी दी कि विभाग द्वारा जिले के 34 शैक्षणिक संस्थानों में नशा एवं तंबाकू नियंत्रण विषयक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए हैं। इसके अलावा अभियान चलाकर 10 शैक्षणिक संस्थानों के आसपास संचालित तंबाकू विक्रेताओं की दुकानों को हटाने की कार्रवाई भी की गई, ताकि विद्यार्थियों की तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों तक आसान पहुंच को रोका जा सके।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों और जनजागरूकता कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे और आम नागरिक भी इस अभियान से जुड़ सकें। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी, प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप गौतमबुद्धनगर को 'नार्कोटिक्स फ्री जिला' बनाने के लक्ष्य को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार, तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. श्वेता खुराना, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार, पुलिस विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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