गौतमबुद्धनगर , जून 22 -- उत्तर प्रदेश में जनपद गौतमबुद्धनगर को "डिस्ट्रिक्ट ऐज एक्सपोर्ट हब" के रूप में और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में निर्यात संवर्धन, उद्योगों की समस्याओं और निर्यात प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाने के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने आज बताया कि उप महानिदेशक विदेश व्यापार (डीजीएफटी) हेमंत कुमार ने विदेश व्यापार महानिदेशालय द्वारा संचालित वर्तमान एवं प्रस्तावित योजनाओं, निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा प्रक्रियाओं के सरलीकरण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। गौतमबुद्धनगर उत्तर प्रदेश के निर्यात क्षेत्र में अग्रणी जनपदों में शामिल है और प्रदेश के कुल निर्यात में इसका महत्वपूर्ण योगदान है।

बैठक के दौरान एचएचईडब्ल्यूए एसोसिएशन के अध्यक्ष सी.पी. शर्मा ने निर्यातकों की व्यावहारिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने डीजीएफटी, कस्टम विभाग तथा एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (ईसीजीसी) से संबंधित विभिन्न चुनौतियों की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया और उनके समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।

उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि एडवांस ऑथराइजेशन एवं ईपीसीजी लाइसेंस के संशोधन और क्लोजर की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हो रही है। इसके अलावा इंपोर्टर एक्सपोर्टर कोड (आईईसी) प्रोफाइल अपडेट करने तथा डिजिटल सिग्नेचर से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण भी निर्यातकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कस्टम विभाग से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करते हुए उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी) पर माल की जांच प्रक्रिया में अत्यधिक समय लग रहा है। वहीं वैल्यूएशन और क्लासिफिकेशन से जुड़े मामलों में बार-बार पूछताछ, आईजीएसटी रिफंड के निस्तारण में विलंब तथा कस्टम अधिकारियों और निर्यातकों के बीच समुचित समन्वय का अभाव भी प्रमुख समस्याओं के रूप में सामने आया।

जिलाधिकारी ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्यातकों की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गौतमबुद्धनगर को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

उप महानिदेशक विदेश व्यापार हेमंत कुमार ने भी निर्यातकों की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। वहीं उपायुक्त उद्योग एवं सदस्य सचिव पंकज निर्वाण ने निर्यात वृद्धि के लिए विभागीय समन्वय और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में प्रमुख निर्यातकों एवं उद्योग प्रतिनिधियों में भारत दीप, अनिल अग्रवाल, अनभय साध, पी.के. कपूर, शशि नांगिया सहित कई उद्यमी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में उठाए गए मुद्दों और अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासनों से यह स्पष्ट है कि जिला प्रशासन गौतमबुद्धनगर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है। निर्यातकों की समस्याओं के समाधान और प्रक्रियाओं के सरलीकरण से जिले के निर्यात क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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